विश्व पर्यावरण दिवस पर होंगे राजधानी में विविध आयोजन 5 को

० जल हैं तो जीवन है, ग्लोबल वार्मिंग के नतीजे खतरनाक
रायपुर, 04 जून। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर प्रति वर्ष की भांति इस वर्ष भी पांच जून को विविध स्वयंसेवी संगठनों द्वारा वृक्षारोपण अभियान के तहत राजधानी के आसपास के क्षेत्रों में हजारों की संख्या में पौधों का रोपण होगा।
राजधानी की ग्रीन आर्मी भावसार फाउंडेशन पहल समर्थ एवं अर्पण स्वयंसेवी संगठनों द्वारा अपने कार्यकर्ताओं के माध्यम से वृक्षारोपण किया जाएगा। वहीं छग शासन के वन विभाग द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में आम लोगों को वृक्षारोपण अभियान के तहत प्रेरित करने बाबत जागरूकता दौड़ का आयोजन किया गया है।
इस संबंध में अविभाजित मप्र के सिंचाई विभाग के पूर्व मुख्य अभियंता हरीशचंद्र शुक्ला से श्रीराम नगर स्थित निवास में आरएनएस प्रतिनिधि को बताया कि जनवायु परिवर्तन का असर न केवल छग अपितु पूरी दुनिया में पड़ रहा है। अचानक बाढ़ भूकंप कही सूखा पडऩा ग्लोबल वार्मिंग का नतीजा है। इस वर्ष जिस तरह से मई माह में पहाड़ों सहित मैदानी क्षेत्रों में भारत में असमय वर्षा हुई है वह प्रकृति से छेड़छाड़ का नतीजा है। शुक्ला के अनुसार अब समय आ गया है कि समय रहते हमें ऋतु चक्र परिवर्तन की चेतावनी को समझना होगा। अधिक से अधिक वृक्षारोपण ही एवं सरोवर का निर्माण ही जल हैं तो जीवन है की लाइन को रेखांकित करेगा। उन्होंने छग में हसदेव अरण्य में लाखों वृक्षों की कटाई के लिए राज नेताओं को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि यह पर्यावरण की दृष्टि से अशुभ संकेत है साथ ही उन्होंने जगदलपुर से विशाखापट्टनम के लिए 6 लाइन नेशनल हाइवे निर्माण के लिए प्रधानमंत्री राष्ट्रपति एवं छग के मुख्यमंत्री को सघन वन की कटाई भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत न करने की अपील की है।
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